सूरजपुर/22 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आगामी 1 फरवरी 2026 को आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने आज परीक्षा केंद्रों के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान बताया कि इस वर्ष टीईटी परीक्षा सामान्य परीक्षाओं से अलग होगी। परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा और अनुशासन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है। नकल एवं अनुचित साधनों पर पूर्णतः रोक लगाने के उद्देश्य से व्यापमं द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अंतर्गत विशेष ड्रेस कोड एवं कड़ी समय-सीमा लागू की गई है।
जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र आना होगा। इसके साथ ही गहरे रंग के कपड़े पहनने पर भी प्रतिबंध रहेगा। परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे फ्रिस्किंग प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सके। सुरक्षा जांच के दौरान साधारण स्वेटर को भी उतारकर जांच की जाएगी। वहीं, कान के आभूषण, पर्स, बेल्ट, टोपी, घड़ी एवं किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परीक्षा कक्ष में ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा।
समय की पाबंदी को लेकर प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार स्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे। सुबह 9.30 बजे प्रारंभ होने वाली प्रथम पाली के लिए गेट सुबह 9 बजे तथा दोपहर 3 बजे प्रारंभ होने वाली द्वितीय पाली के लिए गेट दोपहर 2.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले किसी भी अभ्यर्थी को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
व्यापमं द्वारा अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचें, ताकि पहचान सत्यापन एवं सुरक्षा जांच की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश पत्र एवं मूल पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) साथ लाना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उद्देश्य परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नकलमुक्त बनाना है।









































































































