सूरजपुर/10 फरवरी 2026/ एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजनान्तर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, अजिरमा (अम्बिकापुर) में कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में जिला सूरजपुर के विकासखण्ड ओड़गी अंतर्गत ग्राम आनंदपुर, चपदा एवं भंवरखोह के कृषकों ने सक्रिय सहभागिता की।
परिचर्चा के दौरान कृषकों ने खरीफ एवं रबी फसलों में लगने वाले कीट एवं रोग व्याधियों की समस्याओं से वैज्ञानिकों को अवगत कराया। इस पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा ने फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण के लिए जैविक एवं रासायनिक दोनों पद्धतियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन गतिविधियों के अंतर्गत मुर्गीपालन एवं बकरीपालन से आय बढ़ाने के उपाय भी बताए।
विषय वस्तु विशेषज्ञ श्री पी. आर. पैकरा ने कृषकों को समन्वित कृषि प्रणाली, मेड़ों के दक्षतापूर्ण उपयोग तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जीवामृत, बीजामृत, ब्रह्मास्त्र आदि तैयार करने की विधि एवं उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने स्वीट कॉर्न (मक्का) की खेती को लाभकारी बताते हुए कृषकों को इसे अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया तथा तकनीकी जानकारी के साथ प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया।
इस अवसर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री नूतन प्रतीक एक्का ने कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, एग्रीस्टेक पंजीयन, पी.एम. आशा योजना के अंतर्गत दलहन-तिलहन फसलों का समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु सहकारी समितियों में पंजीयन कराने की जानकारी दी। उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन-तिलहन फसलों की खेती अपनाने तथा आगामी खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम उर्वरक उठाव करने की अपील की।







































































































