April 3, 2026 2:46 am

जो सच बोलता है।

15 Best News Portal Development Company In India

जो सच बोलता है।

सफलता की कहानी
कुश्ती सीखने के लिए स्विमिंग पूल में जॉब करने वाली देबी डायमारी की मेहनत लाई रंग, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता रजत
देबी ने सात साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था, इसके बाद उन्हें अपने चाचा-चाची के साथ रहना पड़ा और आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा
बोकाखात में ’खेलो इंडिया सेंटर’ के एक कोच के कहने पर साल 2022 में देबी ने पावर लिफ्टिंग छोड़कर कुश्ती को अपनाया

अम्बिकापुर 02 अप्रैल 2026/  ’जब हालात मुश्किल होते हैं, तो मजबूत लोग आगे बढ़ते हैं- यह एक मशहूर कहावत है जो खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने की ललक को बयां करती है। असम की महिला पहलवान देबी डायमारी की कहानी बाधाओं को पार करने की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

असम के गोलाघाट जिले के सिसुपानी स्थित दिनेशपुर गांव की रहने वाली 28 वर्षीय देबी ने सात साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद उन्हें अपने चाचा-चाची के साथ रहना पड़ा और आर्थिक तंगी के चलते अपनी ट्रेनिंग जारी रखने के लिए उन्हें छोटे-मोटे काम भी करने पड़े।

और आखिरकार देबी को उन सभी प्रयासों का फल तब मिला, जब उन्होंने यहां ’खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में महिलाओं की 62 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

बोडो ट्राइब से आने वाली देबी कहती हैं, ’’ इस पदक के पीछे मेरी कड़ी मेहनत है। मैंने चार साल पहले ही 2022 में गोलाघाट जिले के बोकाखात में काजीरंगा के बगल में खेलो इंडिया सेंटर में कुश्ती शुरू की थी। इसमें प्रैक्टिस करने के लिए मुझे सेंटर के आसपास रूम लेकर रहना पड़ा। रूम का 1000 रुपया किराया देने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे, इसलिए मुझे एक साल तक पार्ट टाइम जॉब भी करना पड़ा।’’

वह आगे कहती हैं, ’’पहले तो मुझे 2022 में 2500 रुपये मासिक वेतन पर ईजी बाजार (बोकाखात) स्टोर में काम करना पड़ा और फिर 2023 में काजीरंगा में स्थित बोन विला रिसॉर्ट में करीब 7000 रुपये के मासिक वेतन पर जॉब करना पड़ा। वहां पर मैं स्वीमिंग पूल की देखभाल और सफाई करती थीं।’’

उन्होंने आगे कहा, ’’सारा दिन काम करने के बाद शाम को सिर्फ दो घंटे के लिए मैं कुश्ती की प्रैक्टिस कर पाती थी। मैंने जितना भी किया, उसके बदले मुझे ये रजत मिला। लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं और मैं अब और कड़ी मेहनत करके आगे गोल्ड जीतना चाहती हूं।’’

कुश्ती में मैट पर उतरने से पहले देबी पॉवरलिफ्टिंग और आर्म रेसलिंग करती थीं। लेकिन साल 2022 में उनकी मुलाकात असम टीम के कोच अनुस्तूप नाराह (ANUSTUP NARAH) से हुई, जिनके मार्गदर्शन में रहकर वह कुश्ती की दांव पेंच सीखी हैं।

कोच अनुस्तूप कहते हैं, ’’2022 में जब बोकाखात में पंजा टूर्नामेंट हुआ था तो उस दौरान वह मुझे मिली और मैंने उन्हें देखते ही कह दिया कि तुम रेसलिंग करो। उसने सोच विचार के बाद मुझे हां- कह दिया और फिर मैंने उन्हें सबसे पहले सेंटर के पास ही रहने के लिए कहा ताकि ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त समय मिल सके। वह बोली कि सर यहां तो रूम लेकर रहना पड़ेगा और मेरे पास इतने पैसे तो नहीं है। फिर मैंने गोलाघाट जिले के कुश्ती सहायक सचिव से कहकर देबी को काम दिलवाया और एक साइकिल भी दिलवाई। देबी उसी साइकिल से जॉब करने लगी और फिर वह सेंटर के पास रहकर ही प्रैक्टिस भी करने लगी।’’

देबी डायमारी ने 2022 में अपने ही जिले के बोकाखात में काजीरंगा स्थित खेलो इंडिया सेंटर में कुश्ती शुरू की थी और उसी साल उन्होंने विशाखापत्तनम में हुए सीनियर चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया। इसके बाद साल बाद ही उन्होंने 2024 में स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

देबी की पिछले साल ही शादी हुई है और उनका पति बेंगलोर में प्राइवेट नौकरी करता है। वह कहती हैं, ’’ससुराल वाले मुझे हर तरह से बहुत सपोर्ट करते हैं। पति भी मुझे बहुत सपोर्ट करता है और वह बेंगलुरु से बराबर पैसा भेजता रहता है ताकि मुझे कोई चीज की दिक्कत ना हो।’’

उन्होंने कहा, ’’मेरा अगला लक्ष्य सीनियर लेवल पर और पदक जीतना है ताकि मैं उसके बाद इंटरनेशनल लेवल पर भाग ले सकूं। ये सब करने के लिए मैं दिन-रात कड़ी मेहनत कर रही हूं। यहां से जाने के बाद अब देखेंगे कि कोच साहब क्या प्लानिंग करते हैं और फिर हम उसी के हिसाब से काम करेंगे।’’

Picture of Mahi singh Rajput

Mahi singh Rajput

Contact for news Advertisement 8120295352

Leave a Comment

और पढ़ें

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने लखनपुर विकासखण्ड का किया दौरा
स्वास्थ्य केंद्रो का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा, टीबी मरीजों से मुलाकात कर पोषण किट का किया वितरण
विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, निर्माण कार्यों सहित अन्य संस्थानों में व्यवस्थाओं का अवलोकन कर दिए आवश्यक निर्देश

गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पारंपरिक खेलों का दमदार प्रदर्शन
14 राज्यों की टीमों की भागीदारी, पोल व रोप मल्लखंभ सहित विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल

सफलता की कहानी
कुश्ती सीखने के लिए स्विमिंग पूल में जॉब करने वाली देबी डायमारी की मेहनत लाई रंग, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता रजत
देबी ने सात साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था, इसके बाद उन्हें अपने चाचा-चाची के साथ रहना पड़ा और आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा
बोकाखात में ’खेलो इंडिया सेंटर’ के एक कोच के कहने पर साल 2022 में देबी ने पावर लिफ्टिंग छोड़कर कुश्ती को अपनाया

छत्तीसगढ़ के विमानन क्षेत्र में नया अध्यायः मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर-दिल्ली-कोलकाता हवाई सेवा का किया वर्चुअल शुभारंभ
उत्तर छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान; व्यापार, पर्यटन और निवेश के खुलेंगे द्वार-मुख्यमंत्री श्री साय
अम्बिकापुर (दरिमा) से दिल्ली और कोलकाता के लिए सप्ताह में दो-दो दिन संचालित होंगी उड़ानें
सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज दिल्ली हवाई सेवा के बने पहले यात्री

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने लखनपुर विकासखण्ड का किया दौरा
स्वास्थ्य केंद्रो का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा, टीबी मरीजों से मुलाकात कर पोषण किट का किया वितरण
विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, निर्माण कार्यों सहित अन्य संस्थानों में व्यवस्थाओं का अवलोकन कर दिए आवश्यक निर्देश

गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पारंपरिक खेलों का दमदार प्रदर्शन
14 राज्यों की टीमों की भागीदारी, पोल व रोप मल्लखंभ सहित विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल

सफलता की कहानी
कुश्ती सीखने के लिए स्विमिंग पूल में जॉब करने वाली देबी डायमारी की मेहनत लाई रंग, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता रजत
देबी ने सात साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था, इसके बाद उन्हें अपने चाचा-चाची के साथ रहना पड़ा और आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा
बोकाखात में ’खेलो इंडिया सेंटर’ के एक कोच के कहने पर साल 2022 में देबी ने पावर लिफ्टिंग छोड़कर कुश्ती को अपनाया

छत्तीसगढ़ के विमानन क्षेत्र में नया अध्यायः मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर-दिल्ली-कोलकाता हवाई सेवा का किया वर्चुअल शुभारंभ
उत्तर छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान; व्यापार, पर्यटन और निवेश के खुलेंगे द्वार-मुख्यमंत्री श्री साय
अम्बिकापुर (दरिमा) से दिल्ली और कोलकाता के लिए सप्ताह में दो-दो दिन संचालित होंगी उड़ानें
सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज दिल्ली हवाई सेवा के बने पहले यात्री