सूरजपुर/12 मई 2026/ विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में मंगलवार को कृषक हित में व्यापक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले में कुल 12 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों को खरीफ फसल की तैयारी, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा प्राकृतिक खेती के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
अभियान के तहत विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत गंगोटी एवं बतरा, ओड़गी के मोहरसोप एवं भाडी, सूरजपुर के अजबनगर एवं सोनवाही, रामानुजनगर के परशुरामपुर एवं पम्पानगर, प्रतापपुर के टुकुडांड एवं केंवरा तथा प्रेमनगर के विंध्याचल एवं कोतल में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में कृषि विज्ञान केन्द्र सरगुजा एवं कृषि महाविद्यालय प्रतापपुर के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को खेती से संबंधित प्रशिक्षण, प्रदर्शन, अनुसंधान एवं कृषि विस्तार गतिविधियों की जानकारी दी गई। इस दौरान खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कृषक-वैज्ञानिक चर्चा आयोजित कर किसानों को नई कृषि पद्धतियों, उन्नत कृषि तकनीकों, फसल उत्पादन, मृदा प्रबंधन, मृदा परीक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, उन्नतशील बीज, खाद एवं रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जैव उर्वरकों, कृषि उपकरणों एवं कृषि आधारित नए उद्यमों के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
वैज्ञानिकों ने दलहन एवं तिलहनी फसलों में प्रति इकाई क्षेत्र उत्पादन बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, फसल विविधीकरण अपनाने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
कृषि विज्ञान केन्द्र सरगुजा के श्री विरेन्द्र कुमार, कार्यक्रम सहायक (कीट विज्ञान) ने किसानों को फसलों में कीट एवं व्याधि प्रबंधन, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, पीएसबी कन्सोर्टिया, नील हरित शैवाल, अजोला तथा प्राकृतिक खेती की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
कृषि विभाग द्वारा एग्रीस्टेक, पीएम किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में जैव उर्वरकों के उपयोग तथा स्वायल हेल्थ कार्ड में अनुशंसित मात्रा के अनुसार उर्वरक उपयोग करने के संबंध में किसानों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इसके अलावा पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं को रोगों से बचाने हेतु नियमित टीकाकरण की जानकारी दी गई। उद्यानिकी विभाग ने उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार एवं मत्स्य पालन विभाग ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर किसानों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।






































































































