सूरजपुर/12मई 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम एवं उप निर्वाचन 2026 की समय-सारणी जारी होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी रेना जमील द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार नगर पंचायत शिवनंदनपुर सहित विकासखंड सूरजपुर के ग्राम पंचायत उंचडीह, पीका, डुमरिया, रूनियाडीह, सोहागपुर, चम्पकनगर, कुरूवां, हर्राटिकरा, जयनगर, बलरामपुर, शिवसागरपुर, अनुजनगर, पार्वतीपुर, सिलफिली एवं रविन्द्रनगर में प्रतिबंध प्रभावशील रहेगा।
इसी प्रकार विकासखंड भैयाथान के दनौली खुर्द, दुग्गा, केनापारा, चुनगुड़ी, लक्ष्मीपुर एवं राजकिशोरनगर, विकासखंड रामानुजनगर के भरूहामुड़ा, अगस्तपुर, परसापारा, उमेशपुर, नारायणपुर, लेडुवा, सुमेरपुर, तैलाईमुड़ा, माजा, बकना, पस्ता, परशुरामपुर, सेन्दूरी, अक्षयपुर एवं रामतीर्थ, विकासखंड प्रेमनगर के बकाली, विकासखंड प्रतापपुर के पहाड़करवां, गोन्दा एवं मायापुर-2 तथा विकासखंड ओड़गी के ठाड़पाथर, सेमरा, बड़वार एवं मसनकी ग्राम पंचायतों में भी आदेश लागू रहेगा।
आदेश के तहत किसी भी व्यक्ति को बंदूक, रायफल, रिवाल्वर, पिस्टल, भाला, तलवार, गुप्ती, खुखरी, लाठी अथवा अन्य घातक हथियार एवं विस्फोटक सामग्री लेकर सार्वजनिक स्थानों, सभाओं, रैली एवं जुलूस में चलने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी राजनीतिक दल अथवा अभ्यर्थी द्वारा सशस्त्र जुलूस निकालने, आपत्तिजनक नारे लगाने तथा आपत्तिजनक पोस्टर प्रदर्शित या वितरित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला कार्यालय परिसर सूरजपुर, नगर पंचायत शिवनंदनपुर, जनपद पंचायत मुख्यालयों एवं आसपास के क्षेत्रों में सभा, रैली, जुलूस, धरना, चक्का जाम एवं पुतला दहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं अन्य स्थानों पर किसी भी आमसभा, जुलूस अथवा धरना के आयोजन के लिए 24 घंटे पूर्व सक्षम प्राधिकारी को लिखित सूचना देकर अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि धार्मिक स्थलों एवं उसके 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की राजनीतिक सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी और न ही धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक उद्देश्य से किया जाएगा। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार एवं नारेबाजी पर भी रोक लगाई गई है। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
जिला दण्डाधिकारी रेना जमील ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगा।






































































































