सूरजपुर/12 मई 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम एवं उप निर्वाचन मई 2026 की समय-सारणी जारी किए जाने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा चुनाव संबंधी आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नगरीय क्षेत्रों सहित विकासखंड सूरजपुर के ग्राम पंचायत उंचडीह, पीढ़ा, डुमरिया, रूनियाडीह, सोहागपुर, चम्पकनगर, कुरूवां, हर्राटिकरा, जयनगर, बलरामपुर, शिवसागरपुर, अनुजनगर, पार्वतीपुर, सिलफिली एवं रविन्द्रनगर में प्रतिबंध प्रभावशील रहेगा।
इसी प्रकार विकासखंड भैयाथान के दनौली खुर्द, दुग्गा, केनापारा, चुनगुड़ी, लक्ष्मीपुर एवं राजकिशोरनगर, विकासखंड रामानुजनगर के भरूहामुडा, अगस्तपुर, परसापारा, उमेशपुर, नारायणपुर, लेडुवा, सुमेरपुर, तेलाईमुड़ा, माजा, बकना, पस्ता, परशुरामपुर, सेन्दूरी, अक्षयपुर एवं रामतीर्थ, विकासखंड प्रेमनगर के बकालो, विकासखंड प्रतापपुर के पहाड़करवां, गोन्दा एवं मायापुर-2 तथा विकासखंड ओड़गी के ठाड़पाथर, सेमरा, बड़वार एवं मसनकी ग्राम पंचायतों में भी आदेश लागू रहेगा।
आदेश के तहत इन क्षेत्रों में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं चुनाव प्रचार एवं चुनावी सभाओं में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि लंबे चोंगे वाले लाउडस्पीकरों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक लाउडस्पीकर समूह लगाने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव प्रचार हेतु ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए संबंधित रिटर्निंग अथवा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वाहन से प्रचार के दौरान अनुमति पत्र एवं वाहन पंजीयन साथ रखना आवश्यक होगा। बिना अनुमति अथवा निर्धारित समय सीमा के बाद लाउडस्पीकर उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित वाहन एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, न्यायालय, शासकीय कार्यालयों, छात्रावासों, स्थानीय निकाय कार्यालयों, वृद्धाश्रम, बैंक, डाकघर एवं दूरभाष केंद्रों से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं राजनीतिक दलों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 तथा अन्य प्रासंगिक विधियों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगा।






































































































