अम्बिकापुर 12 मई 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘सुशासन की संकल्पना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित ‘सुशासन तिहार’ आम नागरिकों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य भर में आयोजित हो रहे जन समस्या निवारण शिविरों में ग्रामीणों की माँगों का न केवल तत्काल पंजीयन हो रहा है, बल्कि उनका मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मैनपाट विकासखंड के ग्राम परपटिया में एक गरीब माँ की बरसों पुरानी चिंता प्रशासन ने चंद मिनटों में दूर कर दी।
मजदूरी के सहारे तीन बच्चों की जिम्मेदारी
मैनपाट के सुदूर वनांचल क्षेत्र परपटिया की रहने वाली सुखंती मझवार की कहानी संघर्षों भरी रही है। तीन छोटे बच्चों की माँ सुखंती के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। वह रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उनके पास अब तक राशन कार्ड नहीं था, जिसके कारण उन्हें शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं और सस्ते अनाज का लाभ नहीं मिल पा रहा था। बाजार से महँगे दामों पर राशन खरीदना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी।
शिविर में हुआ त्वरित समाधान
‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत परपटिया में आयोजित शिविर सुखंती के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया। जैसे ही सुखंती ने अपनी व्यथा अधिकारियों के समक्ष रखी, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कार्यवाही शुरू की। अधिकारियों ने मौके पर ही पात्रता की जाँच कर आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की और देखते ही देखते सुखंती को नया राशन कार्ड प्रदान कर दिया गया।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
हाथों में राशन कार्ड थामे सुखंती की आँखों में संतोष और खुशी के आँसू छलक आए। उन्होंने भावुक होकर कहा मेरे पास राशन कार्ड नहीं था, जिससे बच्चों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता था। आज सरकार खुद हमारे गाँव आई और मेरा कार्ड बना दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने हम गरीबों की सुध ली।
सुशासन की दिशा में बढ़ते कदम
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ये शिविर ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिला रहे हैं। सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक सीधे पहुँचाना है। शिविरों के माध्यम से राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण मामलों का निराकरण मौके पर ही किया जा रहा है।






































































































