सूरजपुर/17 जनवरी 2026/ पशुधन विकास विभाग सूरजपुर द्वारा 16 जनवरी को ग्राम पंचायत गणेशपुर में पशु मेला, पशु प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता तथा पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। मेला में विभिन्न प्रकार के पशुओं जैसे गौवंशीय में हॉलीस्टीयन फ्रीजियन, जर्सी , साहीवाल, गिर आदि नस्ल तथा भैंसवंशीय में मुर्रा नस्ल का भैंसा, तथा बकरा बकरी वर्ग में सिरोही एवं जमुनापारी नस्ल तथा भेड़, एवं खरगोश व मुर्गी मुर्गा पशु प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में भाग लिए। पशु प्रतियोगिता में पशुपालक श्री राजेंद्र गुप्ता जी ग्राम पंचायत कमलपुर द्वारा लाए गए गिर नस्ल का सांड लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा व सांड प्रतियोगिता में प्रथम रहा। वही पशु मेला में सिरोही नस्ल का बकरा श्री भूपेंद्र ग्राम पंचायत गोपालपुर द्वारा लाया गया जो आकर्षण का केंद्र रहा, जिसका वजन लगभग 45 से 50 किलोग्राम का था, जो कि बकरी वंशिय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मेला में द्वारिकनगर के पशुपालक श्री अवधलाल द्वारा भेंड़ लाया गया एवं कड़कनाथ नस्ल का मुर्गा मुर्गी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।

मेला में पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा उन्नत नस्ल संवर्धन एवं सेक्स शॉर्टेड सीमेन के लाभ के बारे में बताया गया जिसमें 90 प्रतिशत बछिया होने की संभावना होती है तथा विभागीय योजनाओं के बारे में बताया गया एवं चारा प्रसंस्करण से संबंधित पैरा यूरिया उपचार का प्रदर्शनी कर बताया गया जिसमें यूरिया उपचार करने से पैरा की पोष्टिकता बढ़ती है व पैरा नरम स्वादिष्ट सुपाच्य और प्रोटीन से भरपूर बन जाता है, वही अजोला के बारे में बताया गया कि अजोला आसानी से पशुओं द्वारा पचाया जा सकता है एवं अत्यंत पौष्टिक एवम् असरकारक पशुआहार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है, वही ग्रीष्म ऋतु में हरे चारा की उपलब्धता के लिए साईलेज के बारे में बताया गया की साईलेज में 80 से 90 प्रतिशत तक हरे चारे के बराबर पोषक तत्व संरक्षित रहते हैं जो कि हरे चारे के अभाव में साईलेज खिलाकर पशुओं का दुग्ध उत्पादन आसानी से बढ़ाया जा सकता है। पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण हेतु समय-समय पर लगने वाले टीकाकरण के बारे में तथा किसान क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में जानकारी विषय विशेषज्ञों एवं विभागीय पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा विस्तार पूर्वक बताया गया स वही मेला में पशुपालकों को तकनीकी रूप से पशुपालन के द्वारा स्वावलंबी बनने, शीत ऋतु में पशुओं के उचित प्रबंधन के बारे में बताया गया तथा श्री ललन राजवाड़े जी कामधेनु कल्पत – गौशाला करवा के संचालक द्वारा पंचगव्य के लाभ एवम् बनाने की विधियों के बारे में किसान एवं पशुपालकों को विस्तार पूर्वक बताया गया।
मेला में टोल फ्री नंबर 1962 चलित पशु चिकित्सा इकाई के बारे में भी बताया गया तथा पशु स्वास्थ्य परीक्षण एवं पशुओ हेतु औषधि वितरण का भी कार्य किया गया। मेला में वेटनरी पॉलिटेक्निक कॉलेज सूरजपुर के विद्यार्थियों द्वारा मेला में विभिन्न प्रकार के पशुधन के नस्लों का अवलोकन किया व विभिन्न विभागीय जानकारियों से अवगत हुए।

मेला में आयोजित विभिन्न वर्गों के पशु प्रदर्शनी में विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जजिंग किया गया तथा पशुपालकों को विभिन्न वर्गों में श्रेणीवार प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया ।
मेले की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा मेला में विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया गया एवं मेला में आये विभिन्न प्रवर्गाे के पशुधन का अवलोकन किया गया साथ ही साथ मंत्री महोदया जी द्वारा मेला में आए पशुपालकों को पशुधन के महत्व के बारे में बताए। मेले में आदरणीय श्रीमती चंद्रमणि देवपाल सिंह पैकरा जी अध्यक्ष जिला पंचायत सूरजपुर, श्री नरेंद्र यादव सदस्य जिला पंचायत सूरजपुर, श्रीमती स्वाति संत सिंह जनपद अध्यक्ष सूरजपुर, श्री मन्मथ बछाड़ जनपद उपाध्यक्ष सूरजपुर,श्री यशवंत सिंह सभापति कृषि स्थाई समिति सूरजपुर, श्रीमती स्वाति राजवाड़े जनपद सदस्य, श्री रामसुंदर सिंह सरपंच ग्राम पंचायत गणेशपुर एवं प्राचार्य वेटेरिनरी पॉलीटेक्निक कॉलेज सूरजपुर डॉ ओ. पी. पैकरा एवं पशुधन विकास विभाग जिला सूरजपुर के अधिकारी एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहें।








































































































