अम्बिकापुर 18 जनवरी 2026/ दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र में स्थित लकरालता पारा से संबंधित समाचारों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने तथ्यात्मक जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया है।
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत भारतपुर के अंतर्गत स्थित लकरालता पारा पहाड़ी पर बसा हुआ है, जहां वर्तमान में सड़क एवं वाहन पहुंच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पारा की कुल जनसंख्या 83 है तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय से यहां तक पहुंचने के लिए लगभग 6 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें 3 किलोमीटर कच्ची सड़क एवं शेष 3 किलोमीटर पगडंडी मार्ग शामिल है। इस दुर्गम स्थिति के कारण चार पहिया वाहन का पारा तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता।
दुर्गमता के बावजूद ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर गेरसा का स्वास्थ्य दल प्रत्येक 15 दिवस में पारा भ्रमण एवं स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करते हुए संभावित प्रसव तिथि से पूर्व उन्हें सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती कराया जाता है, जबकि प्रथम प्रसव एवं हाई रिस्क मामलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतापुर में उपचार एवं प्रसव सुविधा दी जाती है।
दिनांक 30 दिसंबर 2025 को लकरालता निवासी श्री सुरेन्द्र तिर्की (45 वर्ष) की तालाब में डूबने से आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पारा तक वाहन मार्ग न होने के कारण शव को सीधे वाहन से ले जाना संभव नहीं था। परिणामस्वरूप परिजनों द्वारा शव को खाट के माध्यम से नीचे समतल क्षेत्र तक लाया गया, जहां से वाहन द्वारा पोस्टमार्टम हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतापुर पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता से नहीं, बल्कि क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से जुड़ी है। विभाग द्वारा जिला प्रशासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक तथ्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।








































































































