अंबिकापुर 01 जनवरी 2026/ जिले में धान उपार्जन केन्द्रों पर शासन द्वारा की गई सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी व्यवस्थाओं का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल, सुगम एवं समयबद्ध हो गई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।
अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत भकुरा के निवासी मध्यम वर्ग के किसान श्री अभिषेक पैकरा ने बताया कि वे धान विक्रय के लिए नामनी किसान हैं। उनके पिता श्री उदय कुमार पैकरा हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पर्याप्त वर्षा होने से धान की पैदावार बेहतर रही है। उन्होंने बताया कि कुल 217 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने मोबाइल फोन पर तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से पहला टोकन 119.60 क्विंटल के लिए काटा है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली से किसानों को अब उपार्जन समितियों में अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। घर बैठे टोकन कट जाने से समय, श्रम एवं आर्थिक संसाधनों की बचत हो रही है। यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और किसानों के लिए सुविधाजनक सिद्ध हो रही है।
श्री पैकरा ने बताया कि परसा धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर गेट पास, नमी परीक्षण एवं बारदाना वितरण की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण की गई। केंद्र में किसानों के लिए पेयजल, बैठने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के शासन में किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वे अपने खेतों में गेहूं, तिलहन एवं सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है।
कृषक श्री पैकरा ने कहा कि वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था सराहनीय है, जिससे किसान बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान खरीदी व्यवस्था किसान हितैषी है, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है।








































































































