अंबिकापुर 07 जनवरी 2026/ जिले में विद्यार्थियों के सर्वांगीण बौद्धिक विकास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विस्तार तथा गणित, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विज्ञान, गणित एवं प्रौद्योगिकी आधारित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर केंद्रित एक भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में लोकप्रिय विज्ञान वार्ता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मॉडल प्रदर्शनी (स्थिर एवं कार्यशील), विज्ञान एवं गणित आधारित निबंध लेखन, सेमिनार प्रतियोगिता, विज्ञान के साथ मनोरंजनात्मक गतिविधियाँ तथा जन-जागरूकता अभियान जैसी विविध गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया, जिसने विद्यार्थियों सहित उपस्थित सभी अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री अजीत वसंत एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा उपस्थिति रहे। कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्रीमती लीना थॉमस सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, समिति सदस्य, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान युग विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी का युग है तथा नवाचार ही भविष्य की सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर प्रयोग, अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से अपने विचारों को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि विद्यार्थी नई सोच के साथ समाज की समस्याओं के समाधान खोजें।
कलेक्टर श्री वसंत ने घोषणा की कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्य करने वाले विद्यार्थियों को भविष्य में श्रीहरिकोटा एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भ्रमण का अवसर प्रदान किया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा जी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिनाइयों को सीखने के अवसर के रूप में देखने की प्रेरणा दी तथा शिक्षकों से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तर्कशक्ति एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मॉडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए स्थिर एवं कार्यशील मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत, गणितीय अवधारणाएँ एवं तकनीकी नवाचार से जुड़े मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मकता एवं नवाचार क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री दिवाकर शर्मा ने महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जीवन, संघर्ष एवं गणित के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर प्रेरक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को दृढ़ इच्छाशक्ति एवं निरंतर अभ्यास के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सुनीता दास, अक्षय रंजन एवं ममता किंडो का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन अवसर पर एपीसी श्री संतोष साहू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।








































































































