सूरजपुर/03 फरवरी 2026/ भारत सरकार के नीति आयोग, नई दिल्ली द्वारा संचालित आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सूरजपुर के विकासखंड प्रतापपुर को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में शामिल किया गया है। नीति आयोग द्वारा जारी संदर्भित पत्र के माध्यम से “सम्पूर्णता अभियान 2.0” के अंतर्गत कुल 06 प्रमुख सूचकांकों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक विशेष आउटरीच कार्यक्रमों एवं विभागवार कार्य गतिविधियों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सूरजपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए संबंधित विभागों को स्पष्ट कार्य दायित्व सौंपे गए हैं।
‘‘सम्पूर्णता अभियान 2.0‘‘ के अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन तथा जनपद पंचायत प्रतापपुर के समन्वय से विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवसों पर जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 4 फरवरी 2026 को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंड प्रतापपुर के सी.एस.सी., पी.एच.सी. एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में हाइपरटेंशन, मधुमेह, एएनसी पंजीयन, टीबी, एनीमिया तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। शीघ्र निदान एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु आईईसी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह एवं नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
शिक्षा विभाग द्वारा 11 फरवरी 2026 को विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर विद्यालयों में किशोरी बालिकाओं के पोषण, बालिका शौचालयों के महत्व, स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल प्रथाओं पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में शिक्षक, विद्यार्थी, पालक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आईसीडीएस सुपरवाइजर सहभागिता करेंगे। इसी क्रम में 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विद्यालयों में विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता प्रथाओं, बाल वृद्धि निगरानी एवं पोषण मापन की दक्षता पर प्रदर्शन किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विशेष एएनसी पंजीकरण एवं परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों में गोद भराई कार्यक्रम, जन्म वजन, अनुपूरक पोषण तथा संस्थागत प्रसव के महत्व पर जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा, जिसमें गर्भवती महिलाएं, आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी रहेगी।
पशुपालन विभाग द्वारा 16 मार्च 2026 को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर समस्त ग्राम पंचायतों में सघन पशु टीकाकरण अभियान संचालित किया जाएगा। एफएमडी के विरुद्ध पशुओं के टीकाकरण हेतु ग्राम-वार योजना तैयार कर टीकों की उपलब्धता, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं सेरो-मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पशु टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों के निराकरण हेतु जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से 22 मार्च 2026 को विश्व जल दिवस के अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में पेयजल सुविधाओं का निरीक्षण किया जाएगा तथा सुरक्षित जल भंडारण एवं स्वच्छता प्रथाओं पर व्यवहारिक प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पीएचई, आईसीडीएस, स्कूल प्रबंधन एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 24 मार्च 2026 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी मामलों की खोज एवं अधिसूचना अभियान चलाया जाएगा। टीबी के लक्षणों, जांच एवं उपचार के नियमित पालन के संबंध में जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएगी, जिसमें जिला टीबी अधिकारी, टीबीएचवी, निजी चिकित्सक, मितानिन एवं एएनएम शामिल होंगे।
7 अप्रैल 2026 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मेगा स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान एएनसी जांच, बाल वृद्धि निगरानी, अनुपूरक पोषण पंजीकरण तथा कम जन्म वजन एवं मातृ मृत्यु दर में कमी हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर मातृ पोषण, संस्थागत प्रसव एवं नवजात शिशु देखभाल पर केंद्रित परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा विकासखण्ड स्तर पर कम जन्म वजन ट्रैकिंग की समीक्षा बैठकें की जाएंगी।
अभियान के समापन अवसर पर 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर पोषण, स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक समावेशी पहुंच सुनिश्चित करने हेतु समस्त ग्राम पंचायतों में सामुदायिक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सभी सूचकांकों में छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान के लिए घर-घर भ्रमण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अभियान अवधि में आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित अनुपूरक पोषण उपलब्ध कराने, बच्चों की मापन दक्षता के आधार पर कुपोषित बच्चों की पहचान, उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में संदर्भित करने तथा डिस्चार्ज उपरांत नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने की प्रभावी प्रणाली विकसित की जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में क्रियाशील शौचालय एवं पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने हेतु 15वें वित्त आयोग, जल जीवन मिशन, मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता, निर्माण, मरम्मत एवं रखरखाव हेतु विद्यालय प्रबंधन समितियों, अभिभावक शिक्षक संघों तथा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
सम्पूर्णता अभियान 2.0 के माध्यम से आकांक्षी विकासखण्ड प्रतापपुर में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता एवं पशुपालन से जुड़े सभी प्रमुख सूचकांकों की संतृप्ति सुनिश्चित कर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।








































































































